झारखंड बजट में 7-10 फीसदी वृद्धि की संभावना, 2001-24 तक 16 गुणा से अधिक बढ़ गया है आकार



झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 24 फरवरी से शुरू हुआ है, तीन मार्च को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश करेंगे । पिछले पांच साल के बजट का ट्रेंड भी बता रहा है कि इस बार के बजट आकार करीब सात से 10 प्रतिशत वृद्धि की जा सकती है। इस हिसाब से यह बजट लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये हो जाने की संभावना है। वर्ष 2024-25 में झारखंड का बजट आकार 1 लाख 28 हजार 900 करोड़ रुपये था। वहीं शुक्रवार को सदन में 5508 करोड़ का अनुपूरक बजट पास हो गया।

महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए अधिक धन राशि का आवंटन

इस वर्ष राज्य सरकार का फोकस ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा पर था। वहीं आगामी बजट में मंईयां सम्मान योजना के कारण महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए अधिक धन राशि का आवंटन किए जाने की संभावना है।

झारखंड का सकल घरेलू उत्पाद

वर्ष 2001 को राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 32000 करोड़ रुपये का था, जो अब बढ़कर 4 लाख 70 हजार करोड़ रुपया से अधिक का हो गया है। आगामी वित्त वर्ष के बजट में नॉमिनल जीएसडीपी 9.5 से 10 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है‌। वर्ष 2024-25 में 128900 करोड़ के बजट में सामान्य प्रक्षेत्र में 37124, सोशल प्रक्षेत्र में 45377 करोड़ और आर्थिक प्रक्षेत्र में 46399 रुपये का प्रावधान किया गया था।

झारखंड का बजट और विकास

  • झारखंड का बजट आकार 2001 से 2024 तक 16 गुणा से अधिक बढ़ा है।
  • खर्च के मुकाबले आय में करीब 12 गुणा वृद्धि हुई है।
  • झारखंड सरकार ने स्वास्थ्य और शिक्षा के बजट में काफी वृद्धि की है।
  • स्वास्थ्य बजट 169.09 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,223 करोड़ रुपये का हो गया।
  • शिक्षा बजट 915.36 करोड़ रुपये से बढ़कर 14725 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

चुनौतियां और आगे की योजना

  • झारखंड को और मजबूत बनाने की कोशिश की जायेगी।
  • स्वास्थ्य और शिक्षा का लाभ राज्य के हर नागरिक तक पहुंचाने की कोशिश की जायेगी।
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस किया जायेगा।
  • कृषि, पशुपालन, पेयजल, शिक्षा जैसे बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखकर योजना बनाने का निर्णय लिया गया है।
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