किसानों की समस्या का निराकरण समय पर सुनिश्चित होः शिवराज सिंह



केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कृषि भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक में मंत्रालयों के विभिन्न पोर्टल और कॉल सेंटर पर आने वाली किसानों की शिकायतों की समीक्षा की। बैठक में किसानों की तरफ से जो नकली खाद-बीज और कीटनाशक की समस्या बताई गई थी, उसके प्रति भी शिवराज सिंह ने सख्त रवैया अपनाते हुए इस संबंध में सख्त कानून बनाने की बात कही है।

बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि योजनाओं का निर्माण जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उनका उचित कार्यान्वयन भी है। किसानों की जो भी समस्याएं विभिन्न पोर्टल्स के माध्यम से प्राप्त हो रही हैं, उनका उचित निराकरण समय पर करने की व्यवस्था होना चाहिए। व्यवस्था इतनी मजबूत हो चाहिए कि जब किसान भाई-बहन इन पोर्टल्स के माध्यम से हमसे संपर्क करें, तब उन्हें भरोसा हो कि उनकी समस्याओं का निराकरण जरूर हो जाएगा।

शिवराज सिंह ने अधिकारियों से पीएम किसान पोर्टल, किसान ई-मित्र, किसान कॉल सेंटर सहित विभिन्न प्लेटफार्म के जरिए मिल रही किसानों की समस्याओं की पूरी जानकारी ली और कहा कि अगले हफ्ते वे फिर से विस्तारपूर्वक समीक्षा करेंगे। कृषि मंत्री इन शिकायतों की नियमित समीक्षा करेंगे। साथ ही समय-समय पर किसानों से भी बात करके जानेंगे कि उनकी समस्याओं का समाधान हुआ है या नहीं, ताकि वे पूरी तरह से संतुष्ट हो। केंद्रीय मंत्री ने किसान कॉल सेंटर के माध्यम से किसान भाई-बहनों से अपनी शिकायतें टोल फ्री नंबर 18001801551 के जरिए रजिस्टर करवाने का आह्वान किया है।

बैठक में बताया गया कि मध्य प्रदेश के रायसेन में जिस दवाई के प्रयोग से किसान के खेत में फसल बर्बाद हुई और जहां शिवराज सिंह ने स्वयं निरीक्षण किया था, उस संबंध में एफआईआर दर्ज करवाई गई है और कंपनी का लाइसेंस निलंबित करने के लिए केंद्रीय कृषि विभाग ने राज्य सरकार से कहा है।

बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्रालय के सचिव देवेश चतुर्वेदी भी शामिल हुए, जिन्होंने शिवराज सिंह को विस्तार से जानकारी देने के साथ ही अपने सुझाव भी दिए। बैठक में कृषि मंत्रालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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