अनलॉकिंग रिन्यूएबल एनर्जी एंड स्टोरेज पोटेंशियल असेसमेंट इन झारखंड’ को जारी किया गया। यह अपनी तरह का पहला हाई-रेजोल्यूशन आकलन है, जिसमें राज्य के सभी 24 जिलों और प्रखंडों में अक्षय ऊर्जा की क्षमता की पहचान की गयी है। बुधवार को होटल बीएनआर चाणक्य में आयोजित कार्यक्रम में झारखंड सरकार और सीड ने संयुक्त रूप से तैयार इस विजनरी रिपोर्ट जारी किया गया। शोध अध्ययन की सरहाना करते हुए वन पर्यावरण विभाग के मंत्री अबूबकर सिद्दीकी ने कहा कि राज्य में एनर्जी ट्रांजीशन की रुपरेखा देने में इसके निष्कर्षों से महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। झारखंड के प्रचुर प्राकृतिक संसाधन राज्य को एनर्जी ट्रांजिशन की दिशा में अग्रणी बनाने में सक्षम है। निश्चय ही अक्षय ऊर्जा संभावना का बेहतर प्लानिंग करके झारखंड नेट-जीरो टारगेट और ग्रीन इकोनॉमी की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
रिन्यूएबल एनर्जी को लेकर पश्चिम एवं दक्षिणी राज्यों से सीख लेने की जरूरत : मुकेश कुमार
योजना एवं विकास विभाग सचिव मुकेश कुमार ने कहा कि झारखंड के अप्रयुक्त प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग बुनियादी ढांचे और सततशील अर्थव्यवस्था के निर्माण में सहायक होगा। अक्षय ऊर्जा के मामले में अग्रणी बनने के लिए पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों की रिन्यूएबल एनर्जी सक्सेस स्टोरीज़ से सीख लेनी चाहिए। हाई-रेज़ोल्यूशन वैज्ञानिक अांकड़ों और एक्सटेंसिव रिसोर्स मैपिंग के आधार पर यह अध्ययन पहली बार जिला और ब्लॉक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा भविष्य के निर्माण की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। इसमें पम्प-हाइड्रो एनर्जी स्टोरेज की गेम-चेंजर भूमिका पर ज़ोर दिया गया है और झारखंड को भारत के फ्रंटलाइन स्टेट्स में शामिल बताया गया है।
फ्यूचर-रेडी इकोनॉमी बनाने में क्लीन एनर्जी ट्रांजीशन की अहम भूमिका : रस्तोगी
अध्ययन के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए सेवानिवृत आईएफएस ए.के. रस्तोगी ने कहा कि फ्यूचर-रेडी इकोनॉमी बनाने में क्लीन एनर्जी ट्रांजीशन की बड़ी भूमिका है। औद्योगिक विस्तार, कूलिंग व डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी नई जरूरतें बढ़ते एनर्जी डिमांड की ओर इशारा करते हैं। यह रिपोर्ट राज्य में ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छ औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र, ग्रीन जॉब्स तथा सामाजिक-आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करेगी, जिससे एनर्जी ट्रांजीशन को गति मिलेगी। कार्यक्रम में पीसीसीएफ कैंपा रवि रंजन,सीड के सीईओ रमापति कुमार, डॉ. मनीष राम, विभूति गर्ग, सचिन सिंह, मनोज कुमार करमाली,सहित कई ने अपने विचार रखे।