बीते 24 घंटे से जारी लगातार बारिश के बाद रांची का हटिया डैम शनिवार को सुबह ओवर फ्लो हो गया। हालत की गंभीरता इसी से समझा जा सकता है पानी ओवर फ्लो होकर स्पीलवे से छलक कर नीचे बहता रहा। इसके बाद अफसरों के हाथ-पांव फुलने शुरू हो गए। आनन-फानन में जल संसाधन एवं पेयजल विभाग के अफसर डैम पहुंचे। ऑपरेशन-मेटेनेंस देखने वाले एजेंसी को बुलाया गया। दिन भर कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार शाम चार बजे के बाद पांच में तीन फाटक खोलकर पानी को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। एजेंसी के अनुसार गेट एक से एक इंच, गेट नंबर दो से 2 इंच एवं तीन नंबर गेट से तीन इंच पानी बहाया जा रहा है। इस संबंध में मंगल सूर्या कंट्रक्शन के प्रतिनिधि जयशंकर सिंह ने बताया कि अधिक इसलिए नहीं खोला गया कि क्योंकि पानी डाऊन फॉल के नीचे बड़ी आबादी आसपास रहती है। डाऊन फॉल की नदी में पहले से बारिश के कारण पानी बह रहा है। इसलिए लोगों की सुरक्षा एवं डैम की सुरक्षा दोनों का ख्याल रखते हुए फिलहाल जरूरत के हिसाब से खोला गया है।
गोंदा डैम के तीनों फाटक खोले गए
बारिश के बाद सुबह शहर के गोंदा डैम भी लबालब हो गया। डैम का लेबल 28 फीट पहुंच जाने पर सुबह तीनों फाटक को खोल दिया गया। डैम का लेबल 28 फीट से नीचे रखने का प्रयास किय जा रहा है।
गेतलसूद डैम का लेबल बढ़ा, फिर खोले गए फाटक
रांची के सबसे बड़ी डैम गेतलसूद (रूक्का) डैम का लेबल भी शनिवार को बढ़ गया। इस बारिश के सीजन में चौथी बार डैम का फाटक खोला गया है। शनिवार को तीन रेडियल गेट खोलकर पानी बहाया जा रहा है। दोपहर साढ़े तीन बजे गेट नंबर 3 और 5 को खोला गया। जबकी शुक्रवार की रात दो बजे रेडियल गेट नंबर 4 को खोलकर पानी बहाया जा रहा है। तीनों गेट को छह-छह ईंच खोला गया है। डैम का जलस्तर वर्तमान में 33.60 फीट है। जिस तेजी से डैम का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अगर जरूरत पड़ी तो देर रात तक अन्य गेट को भी खोला जा सकता है। इससे पूर्व 24 जुलाई को रेडियल गेट खोलकर पानी बहाया जा रहा था। एक सप्ताह तक गेट खुला हुआ था। जबकी 18 जुलाई को ही पिछले एक माह से खोला गया तीन रेडियल गेट को बंद किया गया था। इससे पूर्व 19 जून को गेतलसूद डैम का रेडियल गेट को खोला गया था। कुछ दिन एक गेट तो कुछ दिन बाद तीन रेडियल गेट को खोला गया था।